दिवाली से पहले मध्य प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते राजधानी भोपाल में लगातार दूसरे दिन भी कचरा नहीं उठ सका। इस कारण सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

  • भोपाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण 2.30 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन प्रभावित होने की चेतावनी।
  • दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नगर निगम मुख्यालय का काम ठप।
  • कर्मचारी नेता अशोक वर्मा ने नगर निगम की बिजली सप्लाई बंद कर दी और ताला लगा दिया।
  • शिवपुरी में भी 350 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर, सड़कों पर कचरा जमा।
  • प्रदेशभर में कर्मचारी नियमित करने और वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
  • भोपाल में 11 हजार से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हड़ताल पर।
  • कचरा नहीं उठने से प्रदूषण बढ़ रहा है क्योंकि लोग सड़क पर कचरा जला रहे हैं।

कर्मचारी नेताओं की चेतावनी: जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक दीपावली अंधेरे में रहेगी।

इस हड़ताल के चलते भोपाल के 85 वार्डों और 21 जोन में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। शहर में रोजाना लगभग 850 टन कचरा निकलता है, जिसे उठाने के लिए 400 से ज्यादा गाड़ियां लगाई गई थीं। लेकिन हड़ताल की वजह से ये गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को शीघ्र समाधान निकालने की आवश्यकता है ताकि दीपावली के मौके पर शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट सके। स्थानीय लोगों ने प्रदूषण से बचने के लिए प्रशासन से जल्द से जल्द कदम उठाने की अपील की है।